माँ की गोद में ~ अघोर आनंद आलय

जब जीवन की आपाधापी में मन थकने लगे,
और तन विश्राम माँगने लगे,
तब यही समय होता है —
भीतर लौट आने का।
उस मौन की ओर मुड़ने का,
जहाँ कोई समय नहीं, कोई दिशा नहीं,
सिर्फ़ माँ की गोद जैसी
एक शांत, गरम, और दिव्य उपस्थिति है।

यह एक यात्रा है —
भविष्य की ओर नहीं,
बल्कि उस क्षण की ओर
जब कुछ भी नहीं हुआ था,
फिर भी सब कुछ मौजूद था।
जहाँ हम केवल होते हैं।

“अघोरा आनंद आलय” —
यही तो है वह स्थान —
जहाँ न भय है, न द्वैत।
केवल शुद्ध आनंद।
केवल आत्मा की झलक।

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सवाल जवाब

सवाल एक ही था, एक ही है, एक ही रहेगा। मै कौन हूँ? दुनिया क्या है?  यहा क्या हे मेरा वास्ता? क्या हे वो रास्ता? * भगवान है? नही? * अगर है ही नही भगवान तो बस बने रहो इन्सान। भोग मगन हैवान चंद पल के मेहमान। * मानो वो है। तो क्या है वो? * जवाब एक ही है मै हूँ। बस हूँ। कुछ नही, कोई नही, कभी नही। सब कुछ, हर कोई। * जरा सोचो साधक भोला कर ले खुद, खुद की पहचान कितना जीया बने अंजान तू तो अपने घर मेहमान * पता ज़रूरी हे काम जारी हे

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रघुपती  कैसे  संवारे

मूढ़ भगत जब मती मन खोवे तब तोरे दर्शन सुध बुध पावे * तोरे नाम प्रीत स्वर गावे वो उन्मन मंदिर बन जावे * आसमान में लाख है तारे उन सब में दिखते चेहरे तुम्हारे * रघुपती तुम बीन कैसे संवारे जीवन नैया पार पधारे

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रे ऽ !

परमार्थ मे मन नही लगता, मन संसार-स्वार्थ मे रमता, जप-जाप उपासन, ताप सा भाता, मर्कट मन, ध्यान नही टिकता, अब क्या करे साधक? * रे ऽ प्यारे ! मन लगने से – जप नहीं होता, जप जपनेसे से – मन लगता हे, स्वरूप साधना में। * साधना करना नही जीवन मे साधन नही, साधनमय जीवन

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SwarMata_Flow01

Today I was just testing new headphone monitors by Audio Technica ATH-M40X. And artesia M200 studio monitors. I did a live extempore vocal flow and bounced it as M4A file. Cubasis 2 installed on iPad Pro has an option to share the file directly as a wordpress draft post. So I am curious to see

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His words. My ears

Be pleased wherever you are right now. It\’s a very fertile ground on which you are standing. May it be your awareness, conscious cosmic connection, spiritual life, practical life, professional life, or any sort of so called \’life\’, remember! you are exactly where you should be. I know that you are very much aware that it\’s

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